नारद जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के महामहिम राज्यपाल माननीय श्री राम नाईक जी द्वारा नॉएडा स्थित जेपी इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के सभागार में केशव संवाद पत्रिका का विमोचन किया गया| इस अवसर पर उन्होंने पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ बताते हुए सकारात्मक परत्राकरिता पर जोर दिया| उन्होंने बताया कि 1857 की क्रांति को किस प्रकार उस वक़्त के अंग्रेजो के अधीन पत्रकारों ने सालों तक विद्रोह बताती रही है वो तो बाद जब महान स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार वीर सावरकार ने इसके बारे में मुखरता से लिखने लगे तब फिर लोग इस संग्राम को आज़ादी की पहली लड़ाई मानने लगे| उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि को भी पत्रकारिता के आचार संहिता का पालन करना चाहिए| लोगो तक सही खबर किस तरह पहुंचे इस बात की और विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है|

माननीय राज्यपाल ने उल्लेख किया कि आज के दौर में लोग येन केन प्रकारेण प्रसिद्धि पाने के लिए विभिन्न हथकंडो को अपनाते है| उन्होंने हस्यास्मक शब्दों में कहा कि वो भी जब कहीं भाषण देते है तो अगले दिन के अखबार में बाकी सभी समाचारों को छोड़कर अपने बारे में समाचारों को पढ़ना पसंद करते है| आज के टीआरपी के दौर में पत्रकार भी प्रसिद्धि पाने के लिए कभी कभी सच्ची खबरों से दूर चले जाते है और खबरों में मसाला लगाकर उन्हें पड़ोसते है| पत्रकारों को इस विश्याय में विचार करने की आवश्यकता है कि TRP के दौर में तथ्य कहीं पीछे न छूट जाये|

माननीय राज्यपाल महोदय ने केशव संवाद पत्रिका के संपादकीय की प्रशंसा करते हुए सभागार में उपस्थित सभी श्रोताओ को पत्रिका को आग्रह किया| साथ ही साथ धारदार संपादकीय की महत्वता पर प्रकाश डालते हुए कहा की संपादकीय में इतनी ताकत होती है कि वो देश को दिशा और दशा प्रदान करें|

इस अवसर पर मंच पर उनके साथ प्रसिद्ध लेखिका व स्तम्भकार अद्वैत काला, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सयुक्त क्षेत्र के प्रचार प्रमुख श्री कृपाशंकर, मेरठ प्रान्त के संघचालक श्री सूर्यप्रकाश टोंक, नॉएडा महानगर के माननीय संघचालक श्री मधुसूदन दादू और प्रेरणा शोध संसथान के अध्यक्ष जगदीश उपासने उपस्थित रहे|

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